मूलभूत समस्या समेत 10 सूत्रीय मांगो को लेकर ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता के नेतृत्व में सौपा ज्ञापन..

# Neeraj Makhija | 14 Nov, 2022

डेस्क/- मुंगेली जिले के पथरिया जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कुकुसदा के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा हैं,सामाजिक कार्यकर्ता सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच कर कलेक्टर राहुल देव को 10 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा..

बता दे आपको जनपद पंचायत पथरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुसदा के ग्रामीण सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच कर कलेक्टर राहुल देव को अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया,वही कलेक्टर से मिलकर जल्द समस्याओं को दूर करने की मांग की गयी....

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत कुकुसदा में आदिवासी अनेक वर्षो से कई ज्वलंत समस्याओं से ग्रसित होकर श्रापित जीवन निर्वहन करने के लिए विवश है,ग्राम पंचायत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होकर भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। किसानों की जमीन डूब क्षेत्र में आ जाने के कारण लगभग 250 किसानों की प्रतिस्थापना और मुआवजा न मिलने के कारण गरीब किसान दाने-दाने को मोहताज है, भुख मरने की स्थिति है,तालाब में पचरी निर्माण तक नही हुआ है..

ग्राम पंचायत अंर्तगत पडरिया झाप, घटौली पारा, मंझका पारा और कुकुसदग्राम सम्लित है जहाँ आवागमन का कोई साधन नहीं है। बरसात में दलदल जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। गांव में प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है जिससे रात्रि में बहुत सारी परेशानियां एवं अपराध होते है। पंचायत में कई ट्यूबवेल कागजों में है जमीनी स्तर पर नहीं है। कुछ है वह भी बंद पड़े है। अतः जल की कोई भी समुचित व्यवस्था नहीं है। विधवा निराश्रित पेंशन, विकलांगों की पेंशन, वृद्ध निराश्रित पेंशन में ग्रामीणों के नाम न जोड़ने के कारण कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हो रही है

वही जिले के अपर कलेक्टर तीरथ अग्रवाल का कहना है कि ग्राम पंचायत कुकुसदा के ग्रामीण ने विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है ।ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को जल्द दूर किया जायेगा। और इसके लिए गाँव के लोगो से चर्चा भी की गयी है. आपको बता दे 10 सूत्रीय मांगो को लेकर ग्रामीणों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में आवेदन दिया गया है,लेकिन गाँव वालो ने यह भी आरोप लगाया है की इसके पहले भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके है...

फ़िलहाल देखना होगा की इनकी सुनवाई आखिर कब तक होती है या फिर गाँव वाले इसी तरह समस्याओ को लेकर भटकते रहेंगे...

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