चीफ जस्टिस के नाम पर मिजोरम में बैठ ठगी कर रहें थे दो सगे भाई..

# Neeraj Makhija | 27 Aug, 2022

डेस्क/- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनकर ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को पुलिस ने मिजोरम से गिरफ्तार किया है। दोनों भाई ऑटो मोबाइल इंजीनियर हैं। अपने मोबाइल के वाट्सएप DP में चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी का फोटो लगा लिया और अंबिकापुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) को मैसेज कर अमेजन का गिफ्ट कार्ड मांगा। हाईकोर्ट के प्रोटोकॉल अधिकारी ने इस तरह से फ्रॉड करने की जानकारी पुलिस को दी। जांच में पुलिस को आरोपियों का लोकेशन मिजोरम में मिला। साइबर फ्रॉड के इस मामले में ज्यूडिशियरी के किसी जानकार के शामिल होने की आशंका है। पूरा मामला चकरभाठा थाने का है..

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 20 जुलाई 2022 को अज्ञात आरोपी उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी की फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल में लगाकर जिला न्यायालय सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर को वाट्सअप मैसेज कर आरोपी ने ठगी का प्रयास किया,मामले में प्रोटोकाल अधिकारी संजीव सिन्हा ने थाना चकरभाठा में एफआईआर दर्ज कराया..

 वही इस मामलें को पुलिस कप्ताने पारूल माथुर ने मामले की गंभीरता से लेते हुए एन्टी कार्ईम और करभाठा पुलिस की संयुक्त टीम को तैयार किया,टीम को आरोपी को धर दबोचने का निर्देश दिया,पुलिस के अनुसार वॉट्सएप मैसेंजर मोबाइल नंबर 6033151630 से अंबिकापुर जिला सत्र न्यायालय न्यायाधीश राकेश बिहारी घोरे के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया। मैसेज में बताया गया कि व्यस्तता की वजह से अमेजान गिफ्ट कार्ड अरेंज करने को कहा जिसके बाद साइबर टीम ने मोबाइल नंबर और वाट्सएप मैसेंजर की जानकारी गूगल के नोडल और वाट्सएप कंपनी से हासिल किया

छानबीन के दौरान पाया गया कि आरोपी ने 8837348541, 9612722801, 6033151630, 9366836743 का आईएमइआई नंबर 868348053978957, 868348053978965,867381045890437, 867381045890445 है। इस दौरान पाया गया कि आरोपियों का लोकेशन आईजोल मिजोरम हैं,

चूंकि मिजोरम प्रदेश हिंदी अंग्रेजी भाषी नहीं है,इसके चलते आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुँची टीम ने सबसे पहले आइजोल में ही लोकल मुखबिर को तैयार किया गया,इसके बाद आरोपियों की पतासाजी की गयी। लगातार 4 दिनों की रेकी के बाद सटीक लोकेशन पर टीम ने रेड कार्यवाही को अंजाम दिया। इस दौरान पुलिस ने लाल हमिंग सांग और उसके भाई जोथान मोविया को दबोच लिया। पूछताछ में उनके पास से मोबाइल और सिम बरामद हुआ। साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की। फिर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाने की अनुमति ली गई

चकरभाठा TI मनोज नाइक ने बताया कि दोनों आरोपी सगे भाई हैं और ऑटो मोबाइल इंजीनियर हैं। उनका खुद का ऑटो मोबाइल का व्यापार है। इसके साथ ही एक आरोपी की पत्नी नर्स है।

कार्रवाई में विशेष योगदान

रेड कार्रवाई में टीम में शामिल चकरभाठा थाना प्रभारी उप निरीक्षक मनोज नायक, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ पाण्डेय और आरक्षक आशीष वर्मा, विकास राठौर, मिथिलेश साहू समेत एसीसीयू टीम के प्रभारी निरीक्षक हरविंदर सिंह, निरीक्षक .परिवेश तिवारी, निरीक्षक अशोक द्विवेदी,चकरभाठा थाना प्रभारी मनोज नायक, आरक्षक विकास राम का अहम योगदान रहा।

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