24 घंटे के भीतर पुलिस ने सुलझाईं अंधे कत्ल की गुत्थी...

# Neeraj Makhija | 23 Jan, 2022

जीपीएम/- अंधे कत्ल की गुत्थी को जीपीएम पुलिस ने 24 घंण्टे के अंदर सुलझा लिया हैं,बताया जा रहा है कि अवैध संबंध की परिणति आरोपी ने गला घोंट कर मौत के घाट उतारा था तो वही शव की पहचान छिपाने शव को जला दिया था..

बताते चले आपको कि थाना प्रभारी मरवाही को फोन से सूचना मिली की,घटना स्थल ग्राम धनौरा के खैरबना नर्सरी जंगल में किसी व्यक्ति की अधजली लाश पड़ी हुई है,उक्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुये तत्काल उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर घटना स्थल पहुंच मृतक के शव का अवलोकन करने पर पाया कि मृतक का शव लगभग पूरी तरह जल चूका था जो प्रथम दृष्टया हत्या का था...

वही मौके पर मृतक की पहचान हरीशचंद्र केवट पिता समारूलाल केवट उम्र 45 साल साकिन बडकाटोला धनौरा के रूप में मृतक के पुत्र ज्ञानेश केवट के द्वारा की गयी,प्रार्थी की रिर्पोट पर अपराध धारा 302, 201 भादवि का लेख कर पंचनामा विवेचना कार्यवाही प्रारंभ की गई,घटना के प्रत्येक पहलू मौके के वस्तु स्थिति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई..

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति अर्चना झा एवं एसडीओपी अशोक वाडेगावकर के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी मरवाही निरीक्षक अनिल कुमार अग्रवाल द्वारा थाना स्टाफ के साथ प्रकरण हत्या के वास्तविक कारणो की हर पहलू से बारिकी से जांच की गयी जो मृतक के परिजनो से पूछताछ पर यह ज्ञात हुआ की मृतक हरीशचंद केवट का मेलजोल गांव के ही उदयभान की पत्नी से था जिस संबंध में एक दो वर्ष पूर्व मृतक एवं आरोपी के मध्य विवाद भी हुआ था..

इस बिन्दू को केन्द्रित करते हुये तत्काल उदयभान सिंह उईके को हिरासत में लेकर वैज्ञानिक पद्धत्ति से पूछताछ करने पर आरोपी उदयभान सिंह द्वारा मृतक हरीशचंद्र केवट को दिनांक 21.01.2022 को दोपहर करीब 12 बजे घटना स्थल खैरबना नर्सरी में पत्नी के साथ देख लेने पर आकोशित होकर मृतक के गमछे को गले में लपेटकर गला घोट कर हत्या करने की स्वीकारोक्ति की गयी तथा मृतक के शव को दिन मे ही नदी किनारे गढ्ढे में छिपा कर रात को सुखी झाडी लकड़ी मे रखकर माचिस से आग लगा कर जला देना बताया गया प्रकरण में आरोपी उदयभान सिंह उईके पिता मंगल सिंह उईके उम्र 36 साल साकिन धनौरा भलवाही टोला थाना मरवाही द्वारा धारा अपराध पाये जाने पर आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड गया .

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