बिना रजिस्ट्री किसान की जमीन पर नामांतरण का खेल,किसान ने तहसीलदार समेत व्यापारियों पर उठाए सवाल,पुलिस से FIR की मांग..

# Neeraj Makhija | 11 Mar, 2026

बिलासपुर-मुंगेली //- मुंगेली जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत धार्मिक और पर्यटन स्थल मदकू में जमीन के नामांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां के किसान अरुण चेलकर ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब 1.88 एकड़ कृषि भूमि का फर्जी तरीके से नामांतरण कराने की कोशिश की गई

बताया जा रहा है कि ग्राम मदकू के प.ह.न. 39 के खसरा नंबर 345/1, 345/4 और 354 की जमीन पर बिलासपुर के  अन्य के नाम से नामांतरण प्रकरण पथरिया तहसील के अंतर्गत उप तहसील सरगांव में दर्ज कराया गया था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब अतिरिक्त तहसीलदार सरगांव की ओर से जारी ईश्तहार के जरिए किसान को पता चला कि उसकी जमीन के नामांतरण का प्रकरण दर्ज हो चुका है, इसके बाद किसान अरुण चेलकर ने तुरंत तहसील कार्यालय पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने आज तक अपनी जमीन किसी को बेची ही नहीं है,वही देखा जाये तो यदि तहसीलदार अतुल वैष्णव यदि जागरूक होकर यदि अपना काम नियम के तहत नही करते तो कही न कही उसका खामयाजा किसान भी भुगतता..

रजिस्ट्रार का बयान पथरिया के उप-पंजीयक (रजिस्ट्रार) का कहना है कि संबंधित खसरा नंबर की जमीन की कोई रजिस्ट्री उनके कार्यालय में दर्ज नहीं है और न ही इस संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है।

ऐसे में यह आशंका है कि पीड़ित किसान ने आशंका जताई है कि इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की साजिश रची गई है..

किसान का आरोप है कि उसके नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर और फर्जी गवाह खड़ा कर जमीन का पंजीयन दिखाया गया। पुलिस में शिकायत किसान अरुण चेलकर ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए मांग की है कि फर्जी नामांतरण कराने वाले व्यक्तियों और इस साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए..

अब देखना होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले की जांच किस तरह करती है और क्या इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं...

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