सोने की कीमतों में उछाल के बाद सराफा व्यापारियों को बनाया जा रहा निशाना..

# Neeraj Makhija | 05 Feb, 2026

डेस्क//-छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने सोना-चांदी के लगातार बढ़ते भाव के बीच कुछ उपभोक्ताओं द्वारा लालचवश की जा रही आधारहीन शिकायतों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है..

 एसोसिएशन का आरोप है कि बिना समुचित जांच के सराफा व्यापारियों के विरुद्ध पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिससे निर्दोष व्यापारियों को मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है

इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बिलासपुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से पूर्व शिकायतों की गहन, निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच अनिवार्य रूप से की जाए।

अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि शहर के अनेक सराफा व्यापारी अपने परिचित उपभोक्ताओं को सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखकर ऋण प्रदान करते हैं, जो पूरी तरह से एक वैधानिक एवं स्वीकृत व्यावसायिक प्रक्रिया है। नियमानुसार यदि निर्धारित समयावधि में ऋण एवं ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता, तो व्यापारी को गिरवी रखे आभूषणों को गलाकर बकाया राशि का समायोजन करने का अधिकार होता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोने के दामों में आई भारी वृद्धि को देखकर कुछ कर्जदार पुराने मामलों को पुनः उठाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे कई कर्जदारों ने 2-3 वर्षों तक न तो ब्याज चुकाया और न ही अपना गिरवी सामान छुड़ाने का प्रयास किया। समयावधि समाप्त होने के बाद जब व्यापारी नियमानुसार हिसाब समायोजित कर चुका होता है, तो इतने वर्षों बाद शिकायत करना न तो नैतिक रूप से उचित है और न ही वैधानिक।

एसोसिएशन का आरोप है कि इस प्रकार की झूठी एवं भ्रामक शिकायतों के माध्यम से पुलिस को गुमराह किया जा रहा है। हाल के दिनों में बिलासपुर के कुछ ज्वेलर्स के विरुद्ध इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे व्यापार जगत में चिंता का माहौल है।

सराफा एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई से पहले किसी प्रतिष्ठित व्यापारी संगठन के पदाधिकारी की मध्यस्थता ली जाए, ताकि दोनों पक्षों के बीच निष्पक्ष समाधान निकल सके। संगठन ने स्पष्ट किया कि मध्यस्थता के बाद जो भी निर्णय आएगा, उसे सभी पक्ष स्वीकार करेंगे।

कमल सोनी ने यह भी बताया कि केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि देशभर से इस प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में झूठी शिकायतों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे व्यापारिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

Banner