स्कूल के "विद्यार्थी" आज विदेशों सहित विभिन्न सरकारी पदों पर हैं विराजमान..

# Neeraj Makhija | 12 May, 2024

बिलासपुर//- वो कहते है न भगवान के घर देर हैं पर अंधेर नही जी हैं ऐसा ही कुछ व्यख्या शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल के साथ देखने को मिला,आपको बता दे कि कुछ समय पूर्व स्कूल पर लगे आरोपों के तहत सत्र के नए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी,वही इस मामलें में अब हाईकोर्ट ने स्टे देते हुए यथास्तिथि का आदेश दिया है.."

आपको बताते चले कि सरकंडा नूतन चौक बंधवापारा स्थित ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल विगत 34 वर्षों से अपनी शैक्षणिक योग्यता और उच्च कोटि शिक्षा के लिए नगर में अपनी एक अलग पहचान बनाये रखा है,पर पिछले कुछ समय से किसी एक व्यक्ति ने व्यक्तिगत द्वेष रखते हुए इस शैक्षणिक संस्था ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल पे सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण का आरोप लगाया था,जिसमें शिकायत पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच का आदेश दिया और जिला शिक्षा अधिकारी ने इस स्कूल के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए इस स्कूल के आगामी 24 – 25 सत्र के लिए नए प्रवेश पर रोक लगा दी थी,जिसे हाईकोर्ट ने स्टे देते हुए पुनः नवीन प्रवेश जारी रखने का आदेश दिया है..

इन सब के मध्य चिंतनीय विषय यह हैं कि यह सब के बीच इस स्कूल पर कई आरोप भी लगे जिसमें आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों से जबरिया फीस वसूली का आरोप भी लगाया गया,जिसे स्कूल प्रबंधन ने निराधार बताया स्कूल प्रबंधन का कहना है कि हमारे स्कूल में शिक्षा के अधिकार के तहत वर्तमान में 292 बच्चे अध्ययनरत हैं,तो हम किसी एक बच्चे को इस शासन की योजना से वंचित कैसे कर सकते हैं,और रही बात शिकायत की जो कि सरासर निराधार है..

अब आपको बताते चलते हैं कि आखिर यह व्याख्या कौन कर रहा हैं,स्कूल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक विगत 5 वर्षों से आरटीआई कार्यकर्ता (रजनीश साहू) ने इस स्कूल के खिलाफ एक मुहीम छेड़ रखी है जो कि कई अन्य अलग-अलग तरीकों से कलेक्टर व शिक्षा विभाग को लगातार शिकायत करता रहता है, क्योंकि रजनीश साहू एक (आरटीआई) कार्यकर्ता है,और वह सब इन दाँव-पेंच को बेहतर रूप से जानता है की किस स्कूल और अन्य भी संस्थाओ को कैसे प्रताड़ित किया जा सकता है,बस इसी बात का फायदा उठाते हुए वह अभी ड्रीमलैंड स्कूल के प्रबंधन को भी तंग कर रहा हैं,प्रबन्धन ने कहा हैं कि जल्द ही आरटीआई कार्यकर्ता रजनीश साहू के विषय मे पूरी बातें वह मीडिया के समक्ष रखेंगे..

वही अब हाईकोर्ट से स्टे आदेश मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने न्याय के प्रति अपनी आस्था और विश्वास जताते हुए कहा कि हमें हाई कोर्ट से जो न्याय मिला है,वह हमारे लिए और हमारे स्कूल में अध्यनरत बच्चों के भविष्य के लिए एक बेहतर भविष्य को साकार रूप देने में आई क्षणिक अवरोध को हटा कर उज्वल भविष्य हेतु कारगर साबित होगा,क्योंकि हम किसी भी परिस्थितियों में अध्यनरत अथवा नए प्रवेश ले रहे बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते और यही हमारे संस्थान का मूल आधार है कि शिक्षा में आने वाली हर उस मुश्किल को सत्यरूपी बाण से दूर कर देते है..

हमारा एक मात्र उद्देश्य शिक्षा देना है,आज हम बच्चों के बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर है और किसी एक की व्यक्तिगत द्विवेष की भावनान्तर्गत किये गए निरर्थक प्रयासों से स्कूल में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते,इसीलिए माननीय हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नये सत्र का प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है...

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