खुद जी रहा था आलीशान जिंदगी,इधर कई लोगों के डूब गए करोड़ो रुपए..

# Neeraj Makhija | 22 Mar, 2024

बिलासपुर/- सिविल लाइन क्षेत्र में शेयर मार्केट में हर महीने पांच से 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 14 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रायपुर में रहने वाले व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि जालसाजों ने कई लोगों से धोखाधड़ी की है। प्राथमिक जांच में 14 करोड़ की धोखाधड़ी का पता चला है। पुलिस को आशंका है कि पूरा मामला करीब 40 करोड़ की धोखाधड़ी का है। कंपनी के डायरेक्टर विनय कृष्ण रात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है...

बिलासागुड़ी में गुरुवार की शाम पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि रायपुर के सुभाष नगर में रहने वाले व्यवसायी नरेंद्र दुबे ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। पीड़ित ने बताया कि उनके परिचित ने सांई कृष्णा इन्वेस्टमेंट में निवेश करने पर हर महीने पांच प्रतिशत मुनाफा मिलता है। इस पर उन्होंने कंपनी में कुछ रुपये निवेश किए। इसका बकायदा उन्हें रसीद दिया गया। इसके बाद उन्होंने कंपनी में करीब 49 लाख रुपये का निवेश किए। कुछ महीनों तक उन्हें पांच प्रतिशत मुनाफा मिलता रहा। सितंबर में उन्हें मुनाफा देना बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है..

पीड़ित ने बताया कि उनके परिचित से भी करीब एक करोड़ रुपये लिए गए हैं। शिकायत पर पुलिस ने मगरपारा रोड स्थित उषालता कांप्लेक्टस के सांई कृष्णा इन्वेस्टमेंट के आफिस में दबिश दी। आफिस से दस्तावेज जब्त कर कंपनी के डायरेक्टर विनय कृष्ण रात्रे को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में वह गोलमोल जवाब दे रहा था। दस्तावेज के आधार पर की गई पूछताछ में वह टूट गया। उसने अलग-अलग लोगों से धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है..

ज्यादा निवेश पर थाईलैंड और गोआ भी भेजा.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित अपने एजेंट के माध्यम से रुपये की वसूली करता था। ज्यादा रकम इनवेस्ट करने पर थाईलैंड और गोवा ट्रिप का प्रलोभन देकर कई लोगों से रुपये इनवेस्ट कराए। साथ ही कई लोगों को ट्रिप पर भी भेजा। इसी रकम से वह खुद भी विदेश यात्रा करता था। साथ ही अपनी आलीशान जिंदगी जी रहा था। इधर कई लोगों के रुपये डूब गए..

कई लोगो की रकम डूबी..

एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि आरोपित ने मुनाफे का लालच देकर कई लोगों से रुपये जमा कराए। एक व्यक्ति के निवेश को वह कई लोगों को मुनाफे के रूप में बांट देता था। इससे लोगों का उस पर भरोसा बढ़ता रहा। कई लोगों ने मुनाफा मिलने पर अपने रिश्तेदारों से भी रुपये जमा कराए, साथ ही कर्ज लेकर भी निवेश किया। बाद में उसने मुनाफे की राशि देना बंद कर दिया। इसके बाद शिकायतों का दौर शुरू हुआ। अब तक जांच में पता चला है कि उसने पूरे रुपये खर्च कर दिए हैं। उसके खाते में कुछ ही पैसे हैं। एएसपी कश्यप ने बताया कि अब तक की जांच में मई 2023 से अब तक हिसाब मिला है। आरोपित 2021 से इस तरह का काम कर रहा था। आगे की जांच में करीब 40 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आ सकता है...

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