शहर के हृदय स्थल स्थित इस स्कूल का आखिर क्या हैं मांझरा...???

# Neeraj Makhija | 12 Jul, 2023

बिलासपुर /- शहर के हृदय स्थल सरकंडा मुक्तिधाम के सामने स्थित शास. बालक उच्च.माध्यमिक विद्यालय जिसे इस सत्र से स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ठ विद्यालय के रूप में परिवर्तित भी किया गया है...

वही वर्तमान में देखा जाए तो उसकी स्थिति देख लोग दंग रह जा रहे है,बतादे आपको स्वामी आत्मानंद विद्यालय होने के बाद ठेकेदार द्वारा स्कूल में रंग रोगन का काम तो करके निकल गया पर पूरे स्कूल में चारों तरफ फर्नीचर का कबाड़ इकट्ठा हो गया है...

वही सूत्र बतातें है कि यह वही फर्नीचर है,जिसमें कुछ महीनों पहले तक इस स्कूल में 700 से अधिक बच्चे बैठते थे पर आज यह कबाड़ के रूप में नजर आ रहा है,वही देखा जाए तो स्कूल प्रबंधन और स्कूल की स्वच्छता समिति इस कबाड़ से मुंह मोड़ कर अपने में मस्त है इसके साथ ही स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के खेलने के लिए भी जगह नहीं है...

इन सब बातों को देखते हुए यह कहना भी लाजमी होगा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल बन जाने से क्या पहले का फर्नीचर उपयोग योग्य ही नही रह गया था जो उसकी ऐसी दुर्दशा किया गया है...

बताते चले आपको अभी कुछ दिन पहले ही एक स्कूल की प्राचार्य को 10 स्टूल किसी को देने के आरोप में निलंबित भी कर दिया गया था और बालक सरकंडा स्कूल में तो 700 से अधिक बच्चों के बैठने योग्य फर्नीचर को कबाड़ का रूप दे दिया गया है...

सूत्र बताते हैं कि अगर इन फर्नीचर की गिनती करवाई जाए तो निश्चित रूप से फर्नीचर कम पाए जाएंगे और फर्नीचर के अलावा कुर्सी,टेबल,पंखा इत्यादि सामानों की भी जांच करवाई जानी चाहिए,पिछले 5 सालों में शाला विकास मद और उच्च कार्यालय से प्राप्त समानों की स्टॉक पंजी से मिलान करवाना चाहिए की कितने समान स्कूल से गायब हो चुके है और संबंधितों पर जांच कमेटी बैठानी चाहिए..

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